Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश (UP) सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है , यदि राज्य सरकार के आदेशानुसार 31 जनवरी 2026 तक कुछ कर्मचारियों ने आवश्यक जानकारी नहीं दी, तो उनका जनवरी माह का वेतन रोक दिया जाएगा। इस आदेश का सीधा असर सरकारी, शिक्षक और स्थानीय निकाय (Municipal/Nikay) कर्मचारियों पर दिख सकता है।
जाने सैलरी रुक जाने की वजह ?
राज्य सरकार ने सभी कर्मचारियों से मानव संपदा पोर्टल (Manav Sampada Portal) पर अपना चल और अचल संपत्ति विवरण जमा करने को कहा है।
मुख्य सचिव के सख्त निर्देश के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी 31 जनवरी 2026 तक यह संपत्ति का ब्योरा नहीं देता, तो उसे जनवरी महीने का वेतन फरवरी में नहीं मिलेगा। वहीँ, कई विभागों में इसका अनुपालन अब तक नहीं हुआ है।
कौन प्रभावित हो सकता है? विभाग व कर्मचारी
यह नया नियम केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है — निम्न श्रेणियों के कर्मचारियों पर भी लागू होगा
- राज्य सरकार के कर्मचारियों
- स्थानीय निकाय (नगर, पंचायत, नगरपालिका आदि) के कर्मचारी
- शिक्षक और अधिकारी वर्ग
- पुलिसकर्मी और अन्य विभागों के कर्मी
जिन कर्मचारियों ने अभी तक मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति का विवरण नहीं दिया, उनके वेतन पर रोक लगने की चेतावनी जारी की गई है।
विशेष रूप से कुछ विभागों में यह देखा गया है कि लगभग 40% पुलिस कर्मियों ने भी संपत्ति विवरण अभी तक अपडेट नहीं किया है, जिससे वेतन रोकने का खतरा बढ़ गया है।
जानें आखिकार क्या है मानव संपदा पोर्टल?
यह एक ऑनलाइन सरकारी पोर्टल है जहाँ कर्मचारियों को अपने चल और अचल संपत्ति का विवरण दर्ज करना अनिवार्य है। सरकार इसका इस्तेमाल अधिकारियों की संपत्ति से जुड़ी पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए करती है।
अगर विवरण न दिया तो क्या होगा
- अगर कर्मचारी 31 जनवरी 2026 तक पोर्टल पर आवश्यक जानकारी नहीं डालता , जनवरी 2026 का वेतन रोका जा सकता है।
- वेतन रोकने के साथ-साथ पदोन्नति (Promotion) में भी रुकावट आ सकती है।
- विभागीय नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी संभव है।
ऐसे कर्मचारियों से आग्रह किया जा रहा है कि अंतिम तिथि से पहले पोर्टल पर विवरण दर्ज करें, ताकि वेतन बाधित होने या किसी अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।