PF Salary Limit Hike 2026: खुशखबरी! ईपीएफ की सैलरी लिमिट ₹10 हजार बढ़ाने की तैयारी में सरकार

PF Salary Limit Hike 2026: कर्मचारी भविष्य निधि (EPF – Employees’ Provident Fund) से जुड़े करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ईपीएफ की सैलरी लिमिट में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। मौजूदा समय में ईपीएफ की सैलरी लिमिट ₹15,000 प्रति माह है, जिसे बढ़ाकर ₹25,000 करने पर विचार किया जा रहा है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो नई सैलरी लिमिट 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकती है।

2014 के बाद पहली बार बदलेगी ईपीएफ सीमा (EPF Salary Ceiling)

ईपीएफ की सैलरी लिमिट में आखिरी बार बदलाव वर्ष 2014 में किया गया था। इसके बाद बीते 12 वर्षों में महंगाई और न्यूनतम वेतन में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद इसमें कोई संशोधन नहीं हुआ। ऐसे में बड़ी संख्या में कर्मचारी, जिनकी मासिक आय ₹15,000 से अधिक है, ईपीएफ जैसी सामाजिक सुरक्षा योजना से बाहर रह गए हैं। प्रस्तावित बदलाव से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को भी ईपीएफ का लाभ मिल सकेगा।

उच्च स्तरीय जांच में प्रस्ताव (EPFO Update)

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि ईपीएफ सैलरी लिमिट बढ़ाने के प्रस्ताव की उच्च स्तर पर जांच की जा रही है। इस प्रस्ताव को अगले महीने होने वाली ईपीएफओ केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT – Central Board of Trustees) की बैठक में रखा जा सकता है। यदि बोर्ड की ओर से सहमति मिलती है, तो आगे की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई प्रक्रिया

इस प्रस्ताव को तेजी से आगे बढ़ाने की एक बड़ी वजह सुप्रीम कोर्ट का हालिया आदेश भी है। जनवरी 2026 में न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति एएस चंदुरकर की पीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह ईपीएफ सैलरी लिमिट से जुड़े संशोधन प्रस्ताव पर चार महीने के भीतर निर्णय ले। यह आदेश सामाजिक कार्यकर्ता नवीन प्रकाश नौटियाल की याचिका पर दिया गया था।

न्यूनतम वेतन से कम हो गई थी ईपीएफ सीमा

याचिका में कहा गया था कि देश के कई राज्यों में न्यूनतम वेतन (Minimum Wages) ₹15,000 से अधिक हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद ईपीएफ की वेतन सीमा में बदलाव नहीं किया गया। याचिकाकर्ता के वकीलों प्रणव सचदेवा और नेहा राठी ने दलील दी थी कि इससे लाखों कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा और भविष्य निधि (Social Security Benefits) के लाभ से वंचित रह जाते हैं।

कर्मचारियों की नौकरी और भविष्य दोनों को मिलेगा लाभ

यदि ईपीएफ सैलरी लिमिट ₹25,000 की जाती है, तो निजी क्षेत्र में नौकरी करने वाले लाखों कर्मचारियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। इससे उनकी भविष्य निधि में अधिक योगदान होगा और रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी। अब सभी की नजरें सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।

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