8th Pay Commission Latest News:
केंद्र सरकार के कर्मचारी लंबे समय से आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि नया वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है। इसके लागू होने पर न सिर्फ केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी, बल्कि पेंशनर्स को भी बड़ा फायदा मिलेगा। इसी बीच मोदी सरकार ने कुछ खास श्रेणी के कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए वेतन और पेंशन संशोधन को मंजूरी दे दी है।
सरकार के इस फैसले से कुल 46322 कर्मचारी, 23570 पेंशनर्स और 23260 फैमिली पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा , यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कर्मचारी आठवें वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें लगाए बैठे हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों (PSU General Insurance Companies) और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के कर्मचारियों के वेतन संशोधन को मंजूरी दी है। इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नाबार्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में भी संशोधन को स्वीकृति दी गई है।
सरकार के अनुसार, PSU साधारण बीमा कंपनियों के कर्मचारियों के लिए यह वेतन संशोधन 1 अगस्त 2022 से प्रभावी माना जाएगा। इस संशोधन पर कुल 8170.30 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसमें
- 5,822.68 करोड़ रुपये बकाया वेतन
- 250.15 करोड़ रुपये एनपीएस (NPS) योगदान
- 2,097.47 करोड़ रुपये पारिवारिक पेंशन मद
नाबार्ड कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा लाभ
नाबार्ड कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन 1 नवंबर 2022 से लागू होगा। इससे सालाना वेतन खर्च में लगभग 170 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होगी, जबकि कुल बकाया राशि करीब 510 करोड़ रुपये रहेगी।
पेंशन संशोधन के तहत नाबार्ड के 269 पेंशनधारकों और 457 पारिवारिक पेंशनधारकों को एकमुश्त 50.82 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा, पेंशन भुगतान पर सरकार को हर महीने 3.55 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना होगा।
RBI पेंशनर्स के लिए भी राहत
मोदी सरकार ने RBI के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और पारिवारिक पेंशन में भी संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 1 नवंबर 2022 से मूल पेंशन और महंगाई भत्ते (DA) में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। इससे सरकार पर कुल 2,696.82 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ आएगा।
8वें वेतन आयोग से पहले बड़ा संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला आठवें वेतन आयोग से पहले सरकार की सकारात्मक मंशा को दर्शाता है। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को न केवल आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि 8th Pay Commission को लेकर उनकी उम्मीदें भी और मजबूत होंगी।